rea'ya de rahi thii shauq se begaar jismoon ki | रेआ'या दे रही थी शौक़ से बेगार जिस्मों की

  - Sabahat Urooj
रेआ'यादेरहीथीशौक़सेबेगारजिस्मोंकी
यहीतक़दीरहैआक़ायहाँनादारजिस्मोंकी
गिराडालेगीतुझपेआसमाँजोसरसराहटहै
तुम्हारेपाँवनीचेरेंगतेबेदारजिस्मोंकी
मुअर्रिख़गोलियोंकेख़ोलगिनतेजारहेथेऔर
हिकायतलिखरहेथेहमयहाँमिस्मारजिस्मोंकी
मोहब्बतसिर्फ़कहनेकोत'अल्लुक़तेलपानीसा
रियाज़तउम्रभरकरतेरहेबे-कारजिस्मोंकी
ख़ुदातेरानिज़ाम-ए-अद्लरब्ब-उल-आलमींतेरा
शरीअ'ततुझकोदेतीहैइजाज़तचारजिस्मोंकी
उसेतोफ़िक्रदामन-गीरथीशहकेक़सीदेकी
कहानीइकतरफ़रक्खीरहीबीमारजिस्मोंकी
बदनछोड़ोसबाहतहोसकेतोरूहकोथामो
कोईदमगिरनेवालीहैयहाँदीवारजिस्मोंकी
  - Sabahat Urooj
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy