zinda aankhoñ men be-hisi raushan | ज़िंदा आँखों में बे-हिसी रौशन

  - Sabahat Urooj
ज़िंदाआँखोंमेंबे-हिसीरौशन
मुर्दाचेहरोंपेताज़गीरौशन
इननसीबोंपेरोज़होमातम
उनकीमहफ़िलमेंरौशनीरौशन
ख़ुदमेंउसकोबुझादियामैंने
फिरहुआमुझमेंऔरभीरौशन
बे-वफ़ाथामगरबिछड़नेपर
उसकीआँखोंमेंथीनमीरौशन
आदतनसबसेबातकरतीहूँ
उसकीरहतीमगरकमीरौशन
उसकेचेहरेसेछनकेआतीहै
तबहीलगतीहैचाँदनीरौशन
यूँँहीरौशनरहेंवोसबचेहरे
जिनकेदमसेहैज़िंदगीरौशन
  - Sabahat Urooj
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