ham ne is dhoop se amaan ke li.e | हम ने इस धूप से अमाँ के लिए

  - Sabahat Urooj
हमनेइसधूपसेअमाँकेलिए
जिस्मतानेहैंसाएबाँकेलिए
आँखमंज़रसेआश्नाहीनहीं
लफ़्ज़ढूँडेहैंफिरज़बाँकेलिए
मुझपेफेंकेगएथेजोपत्थर
मैंनेरक्खेहैंवोमकाँकेलिए
ख़ुद-फ़रेबीतोअबनहींमुमकिन
ख़्वाबदेखेहैंबसजहाँकेलिए
हमजोभेजेगएहैंदुनियामें
एकता'नाहैंआसमाँकेलिए
कोईख़्वाहिशअधूरीरहजाए
कोईहीलाहोअबफ़ुग़ाँकेलिए
जिनकीमंज़िलउन्हेंमुयस्सरहो
वोनिकलतेहैंफिरकहाँकेलिए
हमउदासीकीइकशबीहहैंअब
इस्तिआ'राहैंहमख़िज़ाँकेलिए
  - Sabahat Urooj
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