zeest mahv-e-sahaab ho jaise | ज़ीस्त महव-ए-सहाब हो जैसे

  - Sabahat Urooj
ज़ीस्तमहव-ए-सहाबहोजैसे
मुझमेंतेराशबाबहोजैसे
इसअक़ीदतसेचुपहीरहतेहैं
तेरीसुननासवाबहोजैसे
रखकेसरपेगलीमेंबेचीहै
येमोहब्बतअज़ाबहोजैसे
उसकीनज़रोंमेंदेरतकदेखा
मेरीआँखोंकाख़्वाबहोजैसे
तेरेदरपेसुकूँनहींमिलता
मेरीनिय्यतख़राबहोजैसे
उसकेख़तकोसँभालरक्खाहै
इकमुक़द्दसकिताबहोजैसे
ऐसेरखारहाकिताबोंमें
हुस्नउसकागुलाबहोजैसे
जुस्तुजूकीयेमौतहैसाहब
तेरामिलनासराबहोजैसे
  - Sabahat Urooj
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