qalam se raabta-e-rang-o-aab toot gaya | क़लम से राब्ता-ए-रंग-ओ-आब टूट गया

  - Saba Naqvi
क़लमसेराब्ता-ए-रंग-ओ-आबटूटगया
किसीमुसव्विर-ए-फ़ितरतकाख़्वाबटूटगया
येदिलकिसंगथाएकआबगीनाथा
लासकातिरेजल्वोंकीताबटूटगया
सवालयेहैकिमैंनेकिसीसेक्यापाया
जवाबयेहैकिबरसोंकाख़्वाबटूटगया
हुआवोमुझसेमुख़ातबतोयूँँलगाजैसे
कोईसितारा-ए-गर्दूं-रिकाबटूटगया
उसूल-ए-आमद-ओ-रफ़्त-ए-बहारक्याकहिए
कलीजोशाख़पेआईगुलाबटूटगया
ग़ज़लकेशे'रजोरुस्वा-ए-इंतिख़ाबहुए
भरमनज़रकापस-ए-इंतिख़ाबटूटगया
रह-ए-हवसमेंथीहाइलज़मीरकीआवाज़
मगरतक़द्दुस-ए-अहद-ए-शबाबटूटगया
  - Saba Naqvi
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