main badalte mausamon ke rang se bezaar hooñ | मैं बदलते मौसमों के रंग से बेज़ार हूँ

  - Saba Naqvi
मैंबदलतेमौसमोंकेरंगसेबेज़ारहूँ
हरनईरुतसेचमनमेंबरसर-ए-पैकारहूँ
हुस्न-ए-यूसुफ़केख़रीदारोबढ़ोमेरीतरफ़
मैंअदबकेदाएरेमेंमिस्रकाबाज़ारहूँ
वक़्तकेहाथोंबिगड़ताहूँसँवरनेकेलिए
मैंसमुंदरकेकिनारेरेतकीदीवारहूँ
कौनसाहैमरहलाजोमुझसेतयपातानहीं
मैंख़ुदअपनेरास्तेकीमंज़िल-ए-दुश्वारहूँ
जिसकोपढ़नाहैमुझेवोपहलीफ़ुर्सतमेंपढ़े
सुब्हकेहाथोंमेंपिछलीरातकाअख़बारहूँ
ख़्वाबहैमेरेलिएमौज-ए-हवाकीताज़गी
मैंशजरपरज़र्दपत्तेकीतरहबेदारहूँ
मेरीगर्दनपर'सबा'हैअपनीशोहरतकालहू
मैंअमलकीरौशनीमेंजुर्मकाइक़रारहूँ
  - Saba Naqvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy