naya shagoofa ishaara-e-yaar par khila hai | नया शगूफ़ा इशारा-ए-यार पर खिला है

  - Saba Naqvi
नयाशगूफ़ाइशारा-ए-यारपरखिलाहै
गुलाबअबकेचमनकीदीवारपरखिलाहै
येकैसीअंगड़ाईलीहैएहसास-ए-ज़िंदगीने
मसीहकारंगरु-ए-बीमारपरखिलाहै
नफ़ीकाजादूजगारहीहैंतिलिस्मीआँखें
वोहर्फ़-ए-मतलबफ़सील-ए-इज़हारपरखिलाहै
किताब-ए-रुख़हैहिजाब-ए-तक़्दीस-ए-हुस्न-ए-जानाँ
येराज़कैसामज़ाक़-ए-दीदारपरखिलाहै
बहार-आगींहयात-अफ़रोज़फूलबनकर
लहूकाछींटाक़बा-ए-ईसारपरखिलाहै
मुझेबनायागयाथाख़ामोशियोंकापैकर
येग़ुंचा-ए-लबकिसीकेइसरारपरखिलाहै
'सबा'काज़ौक़-ए-सुख़ननिगार-ए-ग़ज़लकेहक़में
वोकालातिलहैजोगोरेरुख़्सारपरखिलाहै
  - Saba Naqvi
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