तमामउम्रहोनपाईवोनज़रअपनी
रह-ए-हयातमेंबनतीजोहम-सफ़रअपनी
हज़ारसंग-ए-गराँज़िंदगीकीराहमेंथे
नजानेकैसेजहाँमेंहुईबसरअपनी
ज़मींपेज़ब्त-ए-फ़ुग़ाँसई-ए-राएगाँठहरा
फ़लकपेजाकेहुईआहबे-असरअपनी
किसीरिसालेमेंशाएहोजैसेकोईग़ज़ल
कुछइसतरहसेहुईबातमुश्तहरअपनी
मुझेशिकायत-ए-अग़्यारसेग़रज़क्यूँहो
हँसीउड़ाईहैयारोंनेख़ासकरअपनी
वोक्याकिसीकोमुलाक़ातकाशरफ़देगा
जोख़ैरियतभीनलिखपाएदोसतरअपनी
मिलानचैनतिरीजुस्तुजूमेंसारादिन
लगीनआँखतिरेग़ममेंरातभरअपनी
सुराग़-ए-मंज़िल-ए-इरफ़ाँनमिलसकेगाकभी
ग़लत-रवीसेहज़ीमतहैसर-बसरअपनी
गुलोंकाख़ूनथारंग-ए-बहारकेपीछे
फ़रेबखानसकीचश्म-ए-मो'तबरअपनी
हवा-ए-शौक़केपीछेग़ुबारबनकेउड़ी
बिसातभूलगईहस्ती-ए-बशरअपनी
मैंइंकिशाफ़करूँँभीतोकिसतरहसे'सबा'
तवीलराज़हैऔरउम्रमुख़्तसरअपनी