raah-e-hayaat men dil-e-veeraan duhaai de | राह-ए-हयात में दिल-ए-वीराँ दुहाई दे

  - Saba Naqvi
राह-ए-हयातमेंदिल-ए-वीराँदुहाईदे
दुश्मनकोभीख़ुदाग़म-ए-आश्नाईदे
मैंसाहिब-ए-क़लमहूँमुझेशुऊर-ए-फ़न
आएजोगिरफ़्तमेंऐसीकलाईदे
दुनियाफ़रेब-ए-रिश्ता-ए-बाहमदेमुझे
जोभाई-चारगीकाहोपैकरवोभाईदे
मैंअपनाहाथअपनेलहूमेंडुबोलूँ
जबतकवोमेरेहाथमेंदस्त-ए-हिनाईदे
ख़ंजरहैजिसकेहाथमेंपत्थरहैजिसकादिल
क्याउसकेसामनेकोईअपनीसफ़ाईदे
जिसपरमिरेलहूनेसजायाथानक़्श-ए-दिल
काशफिरमुझेवोहथेलीदिखाईदे
इसताज़ाकर्बलामेंभीयारबदु'आयेहै
ईसारकोनशेबवफ़ाकोतराईदे
दूरीक़रीन-ए-मस्लहत-ए-वक़्तहैअगर
क़ुर्बतकेनामपरमुझेदाग़-ए-जुदाईदे
सहन-ए-चमनमेंगोश-बर-आवाज़है'सबा'
शायददिल-ए-शमीमकीधड़कनसुनाईदे
  - Saba Naqvi
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