nazar ke surkh dore dil men utre | नज़र के सुर्ख़ डोरे दिल में उतरे

  - Saba Naqvi
नज़रकेसुर्ख़डोरेदिलमेंउतरे
मुसाफ़िरदामन-ए-साहिलमेंउतरे
फ़ज़ाओंमेंउड़ानेंभरनेवाले
पतंगेगोशा-ए-महफ़िलमेंउतरे
खनकतेनुक़रईसिक्कोंकेताइर
तिलाईकासा-ए-साइलमेंउतरे
कईख़ंजरनिगाह-ए-ख़िशमगींके
ब-यकलम्हादिल-ए-बिस्मिलमेंउतरे
कफ़न-बर-दोशथेअहल-ए-मोहब्बत
बक़ाकीजावेदाँमंज़िलमेंउतरे
भूलेअहद-ए-हाज़िरकेतक़ाज़े
ग़ज़लजबफ़िक्रकीमहमिलमेंउतरे
'सबा'केसाथरहमतकेफ़रिश्ते
अचानककूचा-ए-क़ातिलमेंउतरे
  - Saba Naqvi
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