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Rudransh Trigunayat
zakham kh
zakham kh | ज़ख़्म खाए हुए पुराने ,पर
- Rudransh Trigunayat
ज़ख़्म
खाए
हुए
पुराने
,पर
लौट
आए
मगर
बुलाने
पर
वो
भटकती
बग़ैर
यादों
के
है
ख़ुशी
आ
गई
ठिकाने
पर
लौट
चलते
मगर
कहाँ
जाएँ
याद
जाती
नहीं
भुलाने
पर
कोशिशें
रायगाँ
हुईं
मेरी
तुम
नहीं
आ
सकी
बुलाने
पर
नौकरी
कर
रहे
दिनों
दिन
हम
जल
गए
लोग
मुस्कुराने
पर
- Rudransh Trigunayat
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कोई
ख़ुद-कुशी
की
तरफ़
चल
दिया
उदासी
की
मेहनत
ठिकाने
लगी
Adil Mansuri
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मेहनत
तो
करता
हूँ
फिर
भी
घर
ख़ाली
है
बाबूजी
मिट्टी
के
कुछ
दीपक
ले
लो
दीवाली
है
बाबूजी
मिट्टी
बेच
रहा
हूँ
जिस
में
कोई
जाल
फ़रेब
नहीं
सोना
चाँदी
दूध
मिठाई
सब
जा'ली
है
बाबूजी
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Gyan Prakash Akul
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एक
ही
तो
हवस
रही
है
हमें
अपनी
हालत
तबाह
की
जाए
Jaun Elia
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बी.ए
भी
पास
हों
मिले
बी-बी
भी
दिल-पसंद
मेहनत
की
है
वो
बात
ये
क़िस्मत
की
बात
है
Akbar Allahabadi
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बद-हवा
सेी
है
बे-ख़याली
है
क्या
ये
हालत
भी
कोई
हालत
है
ज़िंदगी
से
है
जंग
शाम-ओ-सहर
मौत
से
शिकवा
है
शिकायत
है
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Chandan Sharma
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ख़ूँ
पिला
कर
जो
शे'र
पाला
था
उस
ने
सर्कस
में
नौकरी
कर
ली
Fahmi Badayuni
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गो
मैं
रहा
रहीन-ए-सितम-हा-ए-रोज़गार
लेकिन
तिरे
ख़याल
से
ग़ाफ़िल
नहीं
रहा
Mirza Ghalib
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ये
भी
अच्छा
हुआ
मौत
ने
आकर
हमको
बचा
लिया
वरना
हालत
ऐसी
थी,
हम
शायर
भी
हो
सकते
थे
Bhaskar Shukla
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तसव्वुर
तजरबा
तेवर
तमन्ना
और
तन्हाई
मिलेंगे
फूल
सब
इस
में
ग़ज़ल
गुलदान
है
यारों
पढ़ाई
नौकरी
शादी
फिर
उसके
बाद
दो
बच्चे
हमारी
ज़िन्दगी
इतनी
कहाँ
आसान
है
यारों
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Tanoj Dadhich
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ज़ख़्म
उनके
लिए
मेहमान
हुआ
करते
हैं
मुफ़लिसी
जो
तेरे
दरबान
हुआ
करते
हैं
वो
अमीरों
के
लिए
आम
सी
बातें
होंगी
हम
ग़रीबों
के
जो
अरमान
हुआ
करते
हैं
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Mujtaba Shahroz
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साथ
दिक़्क़त
में
रहा
करते
हैं
हम
जान
महफिल
की
हुआ
करते
हैं
हम
वो
हवा
छूती
है
जैसे
शाख़
को
उस
सलीके़
से
छुआ
करते
हैं
हम
क्या
हुआ
वो
गर
जुदा
है,
ख़ुश
रहे
बस
यही
हरदम
दु'आ
करते
हैं
हम
ये
भी
आख़िर
उसने
हक़
खो
ही
दिया
अब
नहीं
ग़ुस्सा
हुआ
करते
हैं
हम
सामने
आए
नहीं
वो
शख़्स
अब
इक
ज़रा
सी
बद्दुआ
करते
हैं
हम
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Rudransh Trigunayat
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वो
उस्ताद
है
या
फ़ाज़िल
लगता
है
वो
ही
शख़्स
मुझको
क़ाबिल
लगता
है
हिम्मत
बाँध
कर
आया
हूँ
मैं
वरना
पहले-पहल
मिलना
मुश्किल
लगता
है
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Rudransh Trigunayat
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ये
दुनिया
है
कहेगी
कुछ
उसे
कच्चा
समझती
है
कि
सौतेली
अगर
है
भी
प'
माँ
बच्चा
समझती
है
Rudransh Trigunayat
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बातें
नहीं
करनी
मुझे
यार
फिर
भी
उस
शख़्स
ने
बातों
में
उलझा
रखा
है
Rudransh Trigunayat
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तुम्हारे
साथ
ख़्वाबों
बिठाया
तो
जा
सकता
है
तुम्हें
नज़दीक
थोड़ा
और
लाया
तो
जा
सकता
है
इजाज़त
हो
अगर
तो
बात
मैं
भी
एक
कह
दूँ
क्या
तुम्हारे
साथ
इक
फोटो
खिचाया
तो
जा
सकता
है
मुझे
इतना
समझ
लो
मैं
बहुत
अच्छा
सा
लड़का
हूँ
डरो
मत
यार
मुझ
सेे
दिल
लगाया
तो
जा
सकता
है
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Rudransh Trigunayat
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