क्यूँँतिरेसाथरहींउम्रबसरहोनेतक
हमनदेखेंगेइमारतकोखंडरहोनेतक
तुमतोदरवाज़ाखुलादेखकेदरआएहो
तुमनेदेखानहींदीवारकोदरहोनेतक
चुपरहींआहभरेंचीख़उठेंयामरजाएँ
क्याकरेंबे-ख़बरोतुमकोख़बरहोनेतक
हमपेकरध्यानअरेचाँदकोतकनेवाले
चाँदकेपासतोमोहलतहैसहरहोनेतक
हालमतपोछिएकुछबातेंबतानेकीनहीं
बसदु'आकीजेदु'आओंमेंअसरहोनेतक
सग-ए-आवाराकेमानिंदमोहब्बतकेफ़क़ीर
दर-ब-दरहोतेरहेशहर-बदरहोनेतक
आपमालीहैंनसूरजहैंनमौसमफिरभी
बीजकोदेखतेरहिएगासमरहोनेतक
दश्त-ए-ख़ामोशमेंदमसाधेपड़ारहताहै
पाँवकापहलानिशाँराह-गुज़रहोनेतक
फ़ानीहोनेसेनघबराईए'फ़ारिस'किहमें
अन-गिनतमर्तबामरनाहैअमरहोनेतक