sadaaein dete hue aur KHaak udaate hue | सदाएँ देते हुए और ख़ाक उड़ाते हुए

  - Rehman Faris
सदाएँदेतेहुएऔरख़ाकउड़ातेहुए
मैंअपनेआपसेगुज़राहूँतुझतकआतेहुए
फिरउसकेबा'दज़मानेनेमुझकोरौंददिया
मैंगिरपड़ाथाकिसीऔरकोउठातेहुए
कहानीख़त्महुईऔरऐसीख़त्महुई
किलोगरोनेलगेतालियाँबजातेहुए
फिरउसकेबा'दअताहोगईमुझेतासीर
मैंरोपड़ाथाकिसीकोग़ज़लसुनातेहुए
ख़रीदनाहैतोदिलकोख़रीदलेफ़ौरन
खिलौनेटूटभीजातेहैंआज़मातेहुए
तुम्हाराग़मभीकिसीतिफ़्ल-ए-शीर-ख़ारसाहै
किऊँघजाताहूँमैंख़ुदउसेसुलातेहुए
अगरमिलेभीतोमिलताहैराहमें'फ़ारिस'
कहींसेआतेहुएयाकहींकोजातेहुए
  - Rehman Faris
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