main car-aamad hooñ ya be-kaar hooñ main | मैं कार-आमद हूँ या बे-कार हूँ मैं

  - Rehman Faris
मैंकार-आमदहूँयाबे-कारहूँमैं
मगरयारतेरायारहूँमैं
जोदेखाहैकिसीकोमतबताना
इलाक़ेभरमेंइज़्ज़त-दारहूँमैं
ख़ुदअपनीज़ातकेसरमाएमेंभी
सिफ़रफ़ीसदकाहिस्से-दारहूँमैं
औरअबक्यूँँबैनकरतेगएहों
कहाथानाबहुतबीमारहूँमैं
मिरीतोसारीदुनियाबसतुम्हीहो
ग़लतक्याहैजोदुनिया-दारहूँमैं
कहानीमेंजोहोताहीनहींहै
कहानीकावहीकिरदारहूँमैं
येतयकरताहैदस्तकदेनेवाला
कहाँदरहूँकहाँदीवारहूँमैं
कोईसमझाएमेरेदुश्मनोंको
ज़रासीदोस्तीकीमारहूँमैं
मुझेपत्थरसमझकरपेशमत
ज़रासारहमकरजाँ-दारहूँमैं
बसइतनासोचकरकीजेकोईहुक्म
बड़ामुँह-ज़ोरख़िदमत-गारहूँमैं
कोईशकहैतोबे-शकआज़माले
तिराहोनेकादा'वे-दारहूँमैं
अगरहरहालमेंख़ुशरहनाफ़नहै
तोफिरसबसेबड़ाफ़नकारहूँमैं
ज़मानातोमुझेकहताहै'फ़ारिस'
मगर'फ़ारिस'कापर्दा-दारहूँमैं
उन्हेंखिलनासिखाताहूँमैं'फ़ारिस'
गुलाबोंकासुहूलत-कारहूँमैं
  - Rehman Faris
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