umr-bhar ishq kisi taur na kam ho aameen | उम्र-भर इश्क़ किसी तौर न कम हो आमीन

  - Rehman Faris
उम्र-भरइश्क़किसीतौरकमहोआमीन
दिलकोहररोज़अताने'मत-ए-ग़महोआमीन
मेरेकासेकोहैबसचारहीसिक्कोंकीतलब
इश्क़होवक़्तहोकाग़ज़होक़लमहोआमीन
हुजरा-ए-ज़ातमेंयामहफ़िल-ए-याराँमेंरहूँ
फ़िक्रदुनियाकीमुझेहोभीतोकमहोआमीन
जबमैंख़ामोशरहूँरौनक़-ए-महफ़िलठहरूँ
औरजबबातकरूँँबातमेंदमहोआमीन
लोगचाहेंभीतोहमकोजुदाकरपाएँ
यूँँमिरीज़ाततिरीज़ातमेंज़महोआमीन
इश्क़मेंडूबकेजोकुछभीलिखूँकाग़ज़पर
ख़ुद-बख़ुदलौह-ए-ज़मानापेरक़महोआमीन
डरापाएमुझेतीरगी-ए-दश्त-ए-फ़िराक़
हरतरफ़रौशनी-ए-दीदा-ए-नमहोआमीन
'मीर'केसदक़ेमिरेहर्फ़कोदरवेशीमिले
दूरमुझसेहवस-ए-दाम-ओ-दिरमहोआमीन
मेरेकानोंनेसुनाहैतिरेबारेमेंबहुत
मेरीआँखोंपेभीथोड़ासाकरमहोआमीन
जबज़मींआख़िरीहिद्दतसेपिघलनेलगजाए
इश्क़कीछाँवमिरेसरकोबहमहोआमीन
  - Rehman Faris
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