mujhe garz hai sitaare na mahtaab ke saath | मुझे ग़रज़ है सितारे न माहताब के साथ

  - Rehman Faris
मुझेग़रज़हैसितारेमाहताबकेसाथ
चमकरहाहैयेदिलपूरीआब-ओ-ताबकेसाथ
नपी-तुलीसीमोहब्बतलगाबँधासाकरम
निभारहेहोतअ'ल्लुक़बड़ेहिसाबकेसाथ
मैंइसलिएनहींथकतातिरेतआक़ुबसे
मुझेयक़ींहैकिपानीभीहैसराबकेसाथ
सवाल-ए-वस्लपेइंकारकरनेवालेसुन
सवालख़त्मनहींहोगाइसजवाबकेसाथ
ख़मोशझीलकेपानीमेंवोउदासीथी
किदिलभीडूबगयारातमाहताबकेसाथ
जतादियाकिमोहब्बतमेंग़मभीहोतेहैं
दियागुलाबतोकाँटेभीथेगुलाबकेसाथ
मैंलेउड़ूँगातिरेख़द्द-ओ-ख़ालसेता'बीर
देखमेरीतरफ़चश्म-ए-नीम-ख़्वाबकेसाथ
अरेयेसिर्फ़बहानाहैबातकरनेका
मिरीमजालकिझगड़ाकरूँँजनाबकेसाथ
विसाल-ओ-हिज्रकीसरहदपेझुटपुटेमेंकहीं
वोबे-हिजाबहुआथामगरहिजाबकेसाथ
शिकस्ताआइनादेखाफिरअपनादिलदेखा
दिखाईदीमुझेताबीर-ए-ख़्वाबख़्वाबकेसाथ
वहाँमिलूँगाजहाँदोनोंवक़्तमिलतेहैं
मैंकम-नसीबतिरेजैसेकामयाबकेसाथ
दयार-ए-हिज्रकेरोज़ा-गुज़ारचाहतेहैं
किरोज़ाखोलेंतिरेऔरशराब-ए-नाबकेसाथ
तुमअच्छीदोस्तहोसोमेरामशवरायेहै
मिला-जुलाकरो'फ़ारिस'-ए-ख़राबकेसाथ
  - Rehman Faris
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