सुकूत-ए-शाममेंगूँजीसदाउदासीकी
किहैमज़ीदउदासीदवाउदासीकी
बहुतशरीरथामैंऔरहँसताफिरताथा
फिरइकफ़क़ीरनेदेदीदु'आउदासीकी
उमूर-ए-दिलमेंकिसीतीसरेकादख़्लनहीं
यहाँफ़क़ततिरीचलतीहैयाउदासीकी
चराग़-ए-दिलकोज़राएहतियातसेरखना
किआजरातचलेगीहवाउदासीकी
वोइम्तिज़ाजथाऐसाकिदंगथीहरआँख
जमाल-ए-यारनेपहनीक़बाउदासीकी
इसीउमीदपेआँखेंबरसतीरहतीहैं
किएकदिनतोसुनेगाख़ुदाउदासीकी
शजरनेपूछाकितुझमेंयेकिसकीख़ुशबूहै
हवा-ए-शाम-ए-अलमनेकहाउदासीकी
दिल-ए-फ़सुर्दाकोमैंनेतोमारहीडाला
सोमैंतोठीकहूँअबतूसुनाउदासीकी
ज़रासाछूलेंतोघंटोंदहकतीरहतीहै
हमेंतोमारगईयेअदाउदासीकी
बहुतदिनोंसेमैंउससेनहींमिला'फ़ारिस'
कहींसेख़ैर-ख़बरलेकेआउदासीकी