siyaah dasht ki jaanib safar dobara kiyana jaane qaaf ki pariyon ne kya ishaara kiya | सियाह दश्त की जानिब सफ़र दोबारा किया

  - Rafiq Raaz
सियाहदश्तकीजानिबसफ़रदोबाराकिया
जानेक़ाफ़कीपरियोंनेक्याइशाराकिया
तेज़तुंदहवासेमिलीनजातमुझे
मैंनेसल्तनत-ए-ख़ाकसेकिनाराकिया
फ़लककीसम्तनिगाहेंउठानेसेपहले
ज़मींकेसारेमनाज़िरकोपारापाराकिया
सियाहबनमेंचमकताहूँमिस्ल-ए-दीदा-ए-शेर
येकिसनेज़र्रा-ए-आवाराकोसिताराकिया
ख़ुमार-ए-ख़्वाबउतरनेमेंथोड़ीदेरलगी
फिरउसकेबादबड़ेशौक़सेनज़ाराकिया
किसीनेमूँदकेआँखोंकोफिरसेखोलदिया
येकिसनेआपकोदुनियापेआश्काराकिया
हमारेहोनेकेमंज़रकीभीकरामतदेख
तुम्हारीचश्मकोफ़व्वारा-ए-शराराकिया
नशेमेंनक़्शारियासतहीकाबिगाड़दिया
येक्याकियाकिसमरक़ंदकोबुख़ाराकिया
  - Rafiq Raaz
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