saanp sa leta hua sunsaan rastaa saamne tha | साँप सा लेटा हुआ सुनसान रस्ता सामने था

  - Rafiq Raaz
साँपसालेटाहुआसुनसानरस्तासामनेथा
ख़तराआग़ाज़-ए-सफ़रमेंएकऐसासामनेथा
दश्तमेंघमसानकावोरनपड़ाथाकुछपूछो
धूपमेरीपुश्तपरथीऔरसायासामनेथा
अबतोउनआँखोंकेआगेआईनाहैऔरमैंहूँ
हाएमिज़्गाँखोलनेसेपहलेक्याक्यासामनेथा
बुज़दिलऐसेथेभिगोपाएअपनेहाथतकहम
दोनोंबाज़ूथेसलामतऔरदरियासामनेथा
मैंमसाफ़तकीतरहथाबीचमेंसिमटाहुआसा
पुश्तकीजानिबसमुंदरऔरसहरासामनेथा
वस्लकेख़्वाबोंमेंअबवोरौशनीबाक़ीनहींथी
हिज्रकीरातोंमेंसोनेकानतीजासामनेथा
  - Rafiq Raaz
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