khushi taqseem karti hooñ dil-aazaari nahin aati | ख़ुशी तक़्सीम करती हूँ दिल-आज़ारी नहीं आती

  - Rabia Basri
ख़ुशीतक़्सीमकरतीहूँदिल-आज़ारीनहींआती
मिरामक़्सदहैग़म-ख़्वारीअदाकारीनहींआती
यहाँवोआगेआताहैकिजोफ़नकारहोताहै
मुझेदरवेशीकेचोलेमेंअय्यारीनहींआती
अभीसबकुछमुयस्सरहैकमीकोईनहींबाक़ी
न-जानेफिरभीपहलेजैसीसरशारीनहींआती
मिरेकुछफ़ैसलेमेरेनहींसोदरगुज़रकरना
अभीससुरालमेंरहतीहूँइंकारीनहींआती
मैंजबमातमकोजातीहूँकिनारेबैठजातीहूँ
यूँँहीआँसूबहातीहूँअज़ा-दारीनहींआती
चलोजोभीहुआहममानकेराहेंबदलतेहैं
मुझेअबफ़ैसलोंमेंकोईदुश्वारीनहींआती
मैंअपनेकमरेसेसारीकिताबेंलेतोआईहूँ
वोजिसमेंलम्सथातेरावोअलमारीनहींआती
  - Rabia Basri
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