फिरगोयाहुईशामपरिंदोंकीज़बानी
आओसुनेंमिट्टीसेहीमिट्टीकीकहानी
वाक़िफ़नहींअबकोईसमुंदरकीज़बाँसे
सदियोंकीमसाफ़तकोसुनातातोहैपानी
उतरेकोईमहताबकिकश्तीहोतह-ए-आब
दरियामेंबदलतीनहींदरियाकीरवानी
कहताहैकोईकुछतोसमझताहैकोईकुछ
लफ़्ज़ोंसेजुदाहोगएलफ़्ज़ोंकेमआ'नी
इसबारतोदोनोंथेनईराहोंकेराही
कुछदूरहीहमराहचलेंयादेंपुरानी