na jaane kaun sa manzar sadaaein deta hai | न जाने कौन सा मंज़र सदाएँ देता है

  - Rabia Basri
जानेकौनसामंज़रसदाएँदेताहै
मैंपीलीधूपवोनीलीहवाएँदेताहै
किसीकेचेहरेपेगर्द-ए-मलालदेखतीहूँ
ख़ुदाकभीकभीतोसज़ाएँदेताहै
ख़याल-ए-यारनेआँखेंहमारीनमरक्खीं
जमाल-ए-यारपलटकेजफ़ाएँदेताहै
तिरेमज़ारसेवीरे!महकसीआतीहै
तूमुझसेदूरभीरहकरदुआएँदेताहै
ग़ुबार-ए-ग़महैशब-ए-हिज्रऔरमैंकमली
फ़िराक़-ए-यारभीक्याक्याअदाएँदेताहै
सफ़रकीधूलथकनआबलेशिकस्ताबदन
येशे'रयूँँनहींहोताबलाएँदेताहै
तूजिसमक़ामपेबैठीहैराबिया'बसरी'
फ़क़तयेनामहीतुझकोज़ियाएँदेताहै
  - Rabia Basri
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