zindagi apni hui yaar ki fitrat ki tarah | ज़िंदगी अपनी हुई यार की फ़ितरत की तरह

  - R P Shokh
ज़िंदगीअपनीहुईयारकीफ़ितरतकीतरह
हमभीकलहोंकिहोंउसकीइनायतकीतरह
वक़्तहमकोयेबुरेदिनदिखाताकाश
हमभीउठजातेज़मानेसेमोहब्बतकीतरह
हमतोहरलम्हेकोदेतेरहेसाँसोंकाहिसाब
हमपेटूटाहैहरइकलम्हाक़यामतकीतरह
गुलखिलाएगायेमक़्तूल-लहूधरतीपर
किसीरुख़्सारपेचढ़तीहुईरंगतकीतरह
लोगकहतेहैंक्यूँभूलगयामैंउसको
वोकिथाजोमिरीबुनियादीज़रूरतकीतरह
ज़िंदगीतोकिसीसाग़रमेंढलीतोहोती
हमतोपीलेतेतुझेजाम-ए-शहादतकीतरह
  - R P Shokh
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