dil ki baatein hain ye bojhal na banaaun us ko | दिल की बातें हैं ये बोझल न बनाऊँ उस को

  - R P Shokh
दिलकीबातेंहैंयेबोझलबनाऊँउसको
मस्लहतयेहैकिकुछभीबताऊँउसको
शहरमेंजाकेकहूँकिससेबुराहालअपना
कोईअपनाहोतोअहवालसुनाऊँउसको
बसींदिलमेंभीरोज़ीकीतमन्नाएँअब
अबकहाँजाऊँकिदुनियासेछुपाऊँउसको
हरगलीकूचा-ए-क़ातिलहैदिल-ए-ईज़ा-तलब
कोईमुश्किलहोतोआसानबनाऊँउसको
लम्समुमकिननहींशो'लेकाबिनाख़ाकहुए
फूलहोसिर्फ़तोसीनेसेलगाऊँउसको
  - R P Shokh
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy