किसीकेअक्सकोहैरानकरनाचाहताहूँ
मैंसंग-ओ-आइनायक-जानकरनाचाहताहूँ
बुलंदकरताहूँदस्त-ए-दुआ'किजैसेमैं
किसीकीज़ातपरएहसानकरनाचाहताहूँ
बहुतहक़ीरहैलेकिनतुझेअताकरके
मैंदिलकोतख़्त-ए-सुलैमानकरनाचाहताहूँ
मुझेयेज़िंदगीदुश्वारभीक़ुबूलमगर
कहींकहींइसेआसानकरनाचाहताहूँ
मैंऐसीकौनसीशयखोचुकाहूँजिसकेएवज़
सभीकोबे-सर-ओ-सामानकरनाचाहताहूँ