wujood-e-khaak se baahar nikaal dega vo | वजूद-ए-ख़ाक से बाहर निकाल देगा वो

  - Qamar Raza Shahzad
वजूद-ए-ख़ाकसेबाहरनिकालदेगावो
मुझेभीअपनेसरापेमेंढालदेगावो
मैंजानताहूँमोहब्बतमेंहारनेकेबा'द
सभीकेसामनेमेरीमिसालदेगावो
शिकोह-ए-बख़्तपेमसरूरशख़्सकोआख़िर
किसीफ़क़ीरकेक़दमोंमेंडालदेगावो
मैंउसकेहक़मेंयहाँआख़िरीदुआ-गोहूँ
मुझेभीअपनीसफ़ोंसेनिकालदेगावो
कोईतोशक्लहैमौजूदमुझमेंभी'शहज़ाद'
मैंसंगहूँतोमुझेख़द्द-ओ-ख़ालदेगावो
  - Qamar Raza Shahzad
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