nazar hai jalwa-e-jaanaan hai dekhiye kya ho | नज़र है जल्वा-ए-जानाँ है देखिए क्या हो

  - Qamar Moradabadi
नज़रहैजल्वा-ए-जानाँहैदेखिएक्याहो
शिकस्त-ए-इश्क़काइम्काँहैदेखिएक्याहो
अभीबहार-ए-गुज़िश्ताकाग़ममिटाभीनहीं
फिरएहतिमाम-ए-बहाराँहैदेखिएक्याहो
क़दमउठेभीनहींबज़्म-ए-नाज़कीजानिब
ख़यालअभीसेपरेशाँहैदेखिएक्याहो
किसीकीराहमेंकाँटेकिसीकीराहमेंफूल
हमारीराहमेंतूफ़ाँहैदेखिएक्याहो
ख़िरदकाज़ोरहैआराइश-ए-गुलिस्ताँपर
जुनूँहरीफ़-ए-बहाराँहैदेखिएक्याहो
जिसएकशाख़पेबुनियादहैनशेमनकी
वोएकशाख़भीलर्ज़ांहैदेखिएक्याहो
हैआजबज़्ममेंफिरइज़्न-ए-आमसाक़ीका
'क़मर'हुनूज़मुसलमाँहैदेखिएक्याहो
  - Qamar Moradabadi
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