lazzat-e-dard-e-jigar yaad aayi | लज़्ज़त-ए-दर्द-ए-जिगर याद आई

  - Qamar Moradabadi
लज़्ज़त-ए-दर्द-ए-जिगरयादआई
फिरतिरीपहलीनज़रयादआई
दर्दनेजबकोईकरवटबदली
ज़िंदगीबार-ए-दिगरयादआई
पड़गईजबतिरेदामनपेनज़र
अज़्मत-ए-दीदा-ए-तरयादआई
अपनाखोयाहुआदिलयादआया
उनकीमख़्मूरनज़रयादआई
दैरकाबासजोहोकरगुज़रे
दोस्तकीराहगुज़रयादआई
देखकरउसरुख़-ए-ज़ेबापेनक़ाब
अपनीगुस्ताख़नज़रयादआई
जबभीतामीर-ए-नशेमनकी'क़मर'
यूरिश-ए-बर्क़-ओ-शररयादआई
  - Qamar Moradabadi
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