shahar ki galiyon ke raushan zaaviye | शहर की गलियों के रौशन ज़ाविए

  - Qamar Jameel
शहरकीगलियोंकेरौशनज़ाविए
रातकीतन्हाइयोंकेहम-सफ़र
आसमाँकेनीलेनीलेहाशिए
चाँदकीरानाइयोंकेनौहागर
तीरगीलिपटीहुईदीवारसे
सुब्हकीताबानियोंकीमुंतज़िर
रास्तोंकेपेचख़मबाज़ारसे
लौटकरआएहोंजैसेबारबार
एकवीरानीहैमेरीग़म-गुसार
कुछसियहकुछसुर्ख़कुछख़ाकिस्तरी
रंगकेकुत्तोंपेउजलीधारियाँ
जिनकीशिरयानोंमेंशोरीदा-सरी
औरदरयूज़ा-गरीकाइम्तिज़ाज
येसमाँऔररातकीजादूगरी
चाँदकालेकरचलीहाथोंमेंताज
  - Qamar Jameel
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