अबअपनीरूहकेछालोंकाकुछहिसाबकरूँँ
मैंचाहताथाचराग़ोंकोआफ़्ताबकरूँँ
मुझेबुतोंसेइजाज़तअगरकभीमिलजाए
तोशहर-भरकेख़ुदाओंकोबे-नक़ाबकरूँँ
उसआदमीकोबसइकधुनसवाररहतीहै
बहुतहसीनहैदुनियाइसेख़राबकरूँँ
हैमेरेचारोंतरफ़भीड़गूँगेबहरोंकी
किसेख़तीबबनाऊँकिसेख़िताबकरूँँ
मैंकरवटोंकेनएज़ाइक़ेलिखूँशब-भर
येइश्क़हैतोकहाँज़िंदगीअज़ाबकरूँँ
येज़िंदगीजोमुझेक़र्ज़-दारकरतीरही
कहींअकेलेमेंमिलजाएतोहिसाबकरूँँ