meri mohabbat chahti hai meenaare ghar ke shivaalon ke | मेरी मोहब्बत चाहती है मीनारे घर के शिवालों के

  - Qamar Jameel
मेरीमोहब्बतचाहतीहैमीनारेघरकेशिवालोंके
कुछबातेंमक्केवालोंकीकुछक़िस्सेबनारसवालोंके
मेरीतमन्नासूरजबनकेचमकतीहैगुलज़ारोंपर
मेरीमोहब्बतसायाबनकेठहरतीहैदिल-दारोंपर
रौशनीमेरीबुलंदीबनकेचमकीचाँदसितारोंमें
मैंनेगुलाबकीआँखेंदेखींअपनेघरकीबहारोंमें
मेरेलिएत्यौहारकीरातेंअबभीदिएजलातीहैं
मेरेलिएहरदेसकीयादेंअबभीनाचनेआतीहैं
  - Qamar Jameel
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