tum mujhe qatl na karo | तुम मुझे क़त्ल न करो

  - Qamar Jameel
तुममुझेक़त्लकरो
मैंख़ुदकईटुकड़ोंमेंबटजाऊँगा
मेराएकटुकड़ा
कपासकाफूलबनजाएगा
औरदूसरावोआग
जोकपासकेफूलसेरौशनहोतीहै
तुममुझेक़त्लकरो
मैंख़ुदकईटुकड़ोंमें
बटजाऊँगा
मेराएकटुकड़ा
दरियाबनजाएगाऔरदूसरा
वोचाँदजोइसदरियामेंडूबजाताहै
हाँमुझेक़त्लकरो
क्यूँँकिमैंअपनीशहादतकी
गवाहीदेनेकेलिएदोबारा
पैदाहोजाऊँगा
क्यातुमनहींदेखतेकिसूरज
दोबारानिकलआताहै
चाँददोबारातुलूअहोजाताहै
औरकपासकाफूलदोबाराखिलजाताहै
औरइबादत-गाहोंमेंआग
दोबारारौशनहोजातीहै
  - Qamar Jameel
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