तुमकोहमख़ाक-नशीनोंकाख़यालआनेतक
शहरतोशहरबदलजाएँगेवीरानेतक
देखिएमहफ़िल-ए-साक़ीकानतीजाक्याहो
बातशीशेकीपहुँचनेलगीपैमानेतक
उसजगहबज़्मसाक़ीनेबिठायाहैहमें
हाथफैलाएँतोजातानहींपैमानेतक
सुब्हहोतीनहींऐइश्क़येकैसीशबहै
क़ैसओफ़रहादकेदोहरालिएअफ़्सानेतक
फिरनतूफ़ानउठेंगेनगिरेगीबिजली
येहवादिसहैंग़रीबोंहीकेमिटजानेतक
मैंनेहर-चंदबलाटालनीचाहीलेकिन
शैख़नेसाथनछोड़ामिरामय-ख़ानेतक
वोभीक्यादिनथेकिघरसेकहींजातेहीनथे
औरगएभीतोफ़क़तशामकोमय-ख़ानेतक
मैंवहाँकैसेहक़ीक़तकोसलामतरक्खूँ
जिसजगहरद्द-ओ-बदलहोगएअफ़्सानेतक
बाग़बाँफ़स्ल-ए-बहारआनेपेवा'दातोक़ुबूल
औरअगरहमनरहेफ़स्ल-ए-बहारआनेतक
औरतोक्याकहूँऐशैख़तिरीहिम्मतपर
कोईकाफ़िरहीगयाहोतिरेमय-ख़ानेतक
ऐ'क़मर'शामकावा'दाहैवोआतेहोंगे
शामकहलातीहैतारोंकेनिकलआनेतक
ऐक़मरसुब्हहुईअबतोउठोमहफ़िलसे
शम्अ'गुलहोगईरुख़्सतहुएपरवानेतक