soz-e-gham-e-firaq se dil ko bachaaye kaun | सोज़-ए-ग़म-ए-फ़िराक़ से दिल को बचाए कौन

  - Qamar Jalalvi
सोज़-ए-ग़म-ए-फ़िराक़सेदिलकोबचाएकौन
ज़ालिमतिरीलगाईहुईकोबुझाएकौन
मिट्टीमरीज़-ए-ग़मकीठिकानेलगाएकौन
दुनियातोउनकेसाथहैमय्यतउठाएकौन
तेवरचढ़ाकेपूछरहेहैंवोहाल-ए-दिल
रूदाद-ए-ग़मतोयादहैलेकिनसुनाएकौन
हमआजकहरहेहैंयहाँदास्तान-ए-क़ैस
कलदेखिएहमाराफ़सानासुनाएकौन
नाख़ुदाख़ुदापेमुझेछोड़करतोदेख
साहिलपेकौनजाकेलगेडूबजाएकौन
रुस्वाकरेगीदेखकेदुनियामुझे'क़मर'
इसचाँदनीमेंउनकोबुलानेकोजाएकौन
  - Qamar Jalalvi
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