phir jala koi aashiyaan saahib | फिर जला कोई आशियाँ साहिब

  - Qamar Gwaliari
फिरजलाकोईआशियाँसाहिब
फिरफ़ज़ाहैधुआँधुआँसाहिब
हैज़मीरएकआइनेकीतरह
देखिएअपनीख़ामियाँसाहिब
आपकासाथक्याहुआहैनसीब
मेरारस्ताहैकहकशाँसाहिब
सिर्फ़आँखोंसेबातहोतीहैइश्क़रखतानहींज़बाँसाहिब
जबबुराईकोउसनेबोयाहै
कैसेकाटेवोनेकियाँसाहिब
पेड़अबछाँवदेनहींसकता
तोड़डालीहैंडालियाँसाहिब
क्याहक़ीक़तहैसामनेआए
लें'क़मर'काभीइम्तिहाँसाहिब
  - Qamar Gwaliari
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