na raha shikwa-e-jafa na raha | न रहा शिकवा-ए-जफ़ा न रहा

  - Qalaq Merathi
रहाशिकवा-ए-जफ़ारहा
होकेदुश्मनभीआश्नारहा
बे-वफ़ाजान-ओ-मालबे-सर्फ़ा
क्यारहाजबकिदिल-रुबारहा
सभीअग़्यारहैंसभी'आशिक़
ए'तिमादउसकाएकजारहा
ख़ाकथाजिसचमनकीरंग-ए-इरम
पत्तेपत्तेकावाँपतारहा
वस्लमेंक्याविसालमुश्किलथा
यादपररोज़हिज्रकारहा
ख़तमिरावाँगयागयागया
सर-ए-क़ासिदरहारहारहा
दिलमेंरहताहैकौनग़मकेसिवा
कोईइसघरमेंदूसरारहा
ग़ैरऔरशिकवा-ए-जफ़ातुमसे
हाएमैंक़ाबिल-ए-वफ़ारहा
क्याहुआक्यूँँ'क़लक़'कोरोतेहो
कोईइसदहरमेंसदारहा
  - Qalaq Merathi
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