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Parvez Shaikh
yaad men teri nahin jo kabhi soya hai main hooñ
yaad men teri nahin jo kabhi soya hai main hooñ | याद में तेरी नहीं जो कभी सोया है मैं हूँ
- Parvez Shaikh
याद
में
तेरी
नहीं
जो
कभी
सोया
है
मैं
हूँ
अपने
ख़्वाबों
में
तुझे
जिसने
पिरोया
है
मैं
हूँ
- Parvez Shaikh
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किस
मुँह
से
करें
उन
के
तग़ाफ़ुल
की
शिकायत
ख़ुद
हम
को
मोहब्बत
का
सबक़
याद
नहीं
है
Hafeez Banarasi
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इक
कली
की
पलकों
पर
सर्द
धूप
ठहरी
थी
इश्क़
का
महीना
था
हुस्न
की
दुपहरी
थी
ख़्वाब
याद
आते
हैं
और
फिर
डराते
हैं
जागना
बताता
है
नींद
कितनी
गहरी
थी
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Vikram Gaur Vairagi
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तुझे
भूल
जाने
की
कोशिशें
कभी
कामयाब
न
हो
सकीं
तिरी
याद
शाख़-ए-गुलाब
है
जो
हवा
चली
तो
लचक
गई
Bashir Badr
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उदासी
का
सबब
दो
चार
ग़म
होते
तो
कह
देता
फ़ुलाँ
को
भूल
बैठा
हूँ
फ़ुलाँ
की
याद
आती
है
Ashu Mishra
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जब
भी
कोई
मंज़िल
हासिल
करता
हूँ
याद
बहुत
आती
हैं
तेरी
ता'रीफ़ें
Tanoj Dadhich
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हम
को
यारों
ने
याद
भी
न
रखा
'जौन'
यारों
के
यार
थे
हम
तो
Jaun Elia
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है
दु'आ
याद
मगर
हर्फ़-ए-दुआ
याद
नहीं
मेरे
नग़्मात
को
अंदाज़-ए-नवा
याद
नहीं
Saghar Siddiqui
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ज़िंदगी
में
आई
वो
जैसे
मेरी
तक़दीर
हो
और
उसी
तक़दीर
से
फिर
चोट
खाना
याद
है
Rohit tewatia 'Ishq'
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तेरी
मजबूरियाँ
दुरुस्त
मगर
तूने
वा'दा
किया
था
याद
तो
कर
Nasir Kazmi
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दिल
की
चोटों
ने
कभी
चैन
से
रहने
न
दिया
जब
चली
सर्द
हवा
मैं
ने
तुझे
याद
किया
Josh Malihabadi
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ये
मिरी
ज़िंदगी
किसी
की
है
फ़िक्र
मत
कीजे
आप
ही
की
है
जो
ख़फ़ा
है
उसे
मनाना
है
इस
लिए
हम
ने
शा'इरी
की
है
जिन
को
माना
था
दिल-अज़ीज़
कभी
उन्हीं
अपनों
ने
दुश्मनी
की
है
ठोकरें
लाख
खाईं
हम
ने
मगर
सिर्फ़
इक
रब
की
बंदगी
की
है
उस
हसीना
के
बिन
जिऍं
कैसे
टूट
कर
जिस
से
दिल-लगी
की
है
इश्क़
कर
के
पता
चला
हम
को
हम
ने
जीते
जी
ख़ुद-कुशी
की
है
तुम
को
परवेज़
क्या
हुआ
है
आज
इक
हसीना
से
दोस्ती
की
है
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Parvez Shaikh
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बात
इक
तरफ़ा
अच्छी
होती
नहीं
हाल
हम
सेे
भी
पूछिए
तो
कभी
Parvez Shaikh
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मुहब्बत
है
क्यूँ
पासदारी
नहीं
है
जी
में
उसके
ईमानदारी
नहीं
है
Parvez Shaikh
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वो
कोई
और
हैं
उधर
ढूंढो
जी
हुज़ूरी
हमें
नहीं
आती
Parvez Shaikh
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यहीं
डूब
जाने
को
जी
चाहता
है
यूँँ
आँसू
बहाने
को
जी
चाहता
है
नहीं
है
जहाँ
में
हमारा
कोई
अब
हमें
मुस्कुराने
को
जी
चाहता
है
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Parvez Shaikh
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