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Parvez Shaikh
muhabbat hai kyuuñ paasdaari nahin hai
muhabbat hai kyuuñ paasdaari nahin hai | मुहब्बत है क्यूँ पासदारी नहीं है
- Parvez Shaikh
मुहब्बत
है
क्यूँ
पासदारी
नहीं
है
जी
में
उसके
ईमानदारी
नहीं
है
- Parvez Shaikh
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मैं
चाहता
हूँ
मोहब्बत
मेरा
वो
हाल
करे
कि
ख़्वाब
में
भी
दोबारा
कभी
मजाल
न
हो
Jawwad Sheikh
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सच
बताओ
कि
सच
यही
है
क्या
साँस
लेना
ही
ज़िंदगी
है
क्या
कुछ
नया
काम
कर
नई
लड़की
इश्क़
करना
है
बावली
है
क्या
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Vikram Gaur Vairagi
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किसी
ने
प्यार
जताया
जता
के
छोड़
दिया
हवा
में
मुझको
उठाया
उठा
के
छोड़
दिया
किसे
सिखा
रहे
हो
इश्क़
तुम
नए
लड़के
ये
राग
हमने
मियाँ
गा
बजा
के
छोड़
दिया
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Vishnu virat
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किसी
के
इश्क़
में
बर्बाद
होना
हमें
आया
नहीं
फ़रहाद
होना
Manish Shukla
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हर
किसी
से
ही
मुहब्बत
माँगता
है
दिल
तो
अब
सब
सेे
अक़ीदत
माँगता
है
सीख
आया
है
सलीक़ा
ग़ुफ़्तगू
का
मुझ
सेे
मेरा
दोस्त
इज़्ज़त
माँगता
है
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दिल
में
जो
मोहब्बत
की
रौशनी
नहीं
होती
इतनी
ख़ूब-सूरत
ये
ज़िंदगी
नहीं
होती
Hastimal Hasti
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इश्क़
क़ैस
फ़रहाद
रोमियो
जैसे
ही
कर
सकते
हैं
हम
तो
ठहरे
दस
से
छह
तक
ऑफ़िस
जाने
वाले
लोग
Vashu Pandey
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बहुत
आसान
है
कहना,
बुरा
क्या
है
भला
क्या
है
करोगे
इश्क़
तब
मालूम
होगा,
मसअला
क्या
है
Bhaskar Shukla
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दूजा
इश्क़
किया
तो
ये
मालूम
हुआ
पहले
वाले
में
भी
ग़लती
मेरी
थी
Tanoj Dadhich
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सँभलने
के
लिए
कर
ली
मुहब्बत
मगर
इस
में
फिसलना
चाहिए
था
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Divy Kamaldhwaj
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देखना
है
मेरी
वफ़ा
का
रंग
देख
ले
हाथ
पर
हिना
का
रंग
ये
तकब्बुर
ये
नाज़
नख़रों
से
तेरे
चेहरे
पे
हैं
अना
का
रंग
साँवला
चेहरा
नील-गूँ
आँखें
और
उस
पर
तेरी
अदा
का
रंग
नाज़
करती
हैं
जिस
पे
हूर-ओ-मलक
तुझ
पे
उतरा
है
वो
हया
का
रंग
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Parvez Shaikh
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ये
मत
सोचना
अब
मुहब्बत
नहीं
है
उसे
बस
बताने
की
हिम्मत
नहीं
है
वफ़ा
माँगता
क्यूँ
फिरुँ
हर
किसी
से
मिरे
दिल
में
इतनी
भी
ग़ुर्बत
नहीं
है
तिरे
मन
में
जब
आए
तब
काम
करना
मुझे
अब
किसी
की
ज़रूरत
नहीं
है
मिरे
यार
कहते
हैं
'परवेज़'
मुझ
को
मुझे
माल-ओ-ज़र
की
ज़रूरत
नहीं
है
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Parvez Shaikh
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बात
इक
तरफ़ा
अच्छी
होती
नहीं
हाल
हम
सेे
भी
पूछिए
तो
कभी
Parvez Shaikh
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अलालत
में
हुआ
लिपटा
बदन
था
किसी
की
ग़म-गुसारी
की
हैं
हमने
Parvez Shaikh
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वो
ज़ालिम
ज़रा
कुछ
तो
खौफ़-ए-ख़ुदा
कर
कि
आ
सकती
हैं
अब
क़यामत
कभी
भी
Parvez Shaikh
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