kiske KHvaabon men kho ga.e hain | किसके ख़्वाबों में खो गए हैं

  - Abuzar kamaal
किसकेख़्वाबोंमेंखोगएहैं
इनहालातोंमेंखोगएहैं
कोईआएतलाशेउनको
मेरीबातोंमेंखोगएहैं
दिनमेंतुम्हेंमिलनानईंहोता
औरअबरातोंमेंखोगएहैं
आँसूसमझकेनिकालाजिसने
उसकेहीचश्मोंमेंखोगएहैं
दीपकढूंढ़नेनिकलेथेजो
ख़ुदहीताकोंमेंखोगएहैं
इकचेहरापढ़नेआएथे
हमभीकिताबोंमेंखोगएहैं
खट्टेआमतोतोड़लिएहै
मीठेपेड़ोंमेंखोगएहैं
सबकोदरियासेमिलनाहै
सबहीलहरोंमेंखोगएहै
आपकमालपेध्यानलगाए
आपतोलफ़्ज़ोंमेंखोगएहैं
  - Abuzar kamaal
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy