bolna kya hai tumhein | बोलना क्या है तुम्हें

  - Abuzar kamaal
बोलनाक्याहैतुम्हें
चुपहीरहनाहैतुम्हें
फ़ाइदाजबकुछनहीं
फ़ाइदाक्याहैतुम्हें
लौटआओएकबार
आज़मानाहैतुम्हें
मेरीमंगेतरहोतुम
मुझसेेपर्दाहैतुम्हें
सूटयेदर्ज़ीमियाँ
जल्दसीनाहैतुम्हें
जोमुझेथाकोयला
प्योरसोनाहैतुम्हें
लिखकेरखलोबातये
मेराहोनाहैतुम्हें
हरकिसीनेप्यारमें
खेलसमझाहैतुम्हें
सारीग़ज़लोंमेंकमाल
जानलिक्खाहैतुम्हें
  - Abuzar kamaal
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy