tumhein kisi baat ki hai parwaah Vaaqaii men | तुम्हें किसी बात की है परवाह वाक़ई में

  - Abuzar kamaal
तुम्हेंकिसीबातकीहैपरवाहवाक़ईमें
जोछेड़तेहोमुझेसर-ए-राहवाक़ईमें
उठाऊँगानख़रेआपकेनौकरीपेरखलें
दोचारबोसेहैंमेरीतंख्वाहवाक़ईमें
बड़ेबड़ेसूरमामिलेआतेजातेहमको
मिलानहींढूँढनेसेहमराहवाक़ईमें
अमलकिएसामदामऔरदंडभेदहमपर
करसकेराह-ए-हक़सेगुमराहवाक़ईमें
कमालवोख़ूबसूरतीकीमिसाललड़की
जोदेखेकहताहैमाशाअल्लाहवाक़ईमें
  - Abuzar kamaal
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