aah ganga ye haseen paikar-e-billoor tira | आह! गंगा ये हसीं पैकर-ए-बिल्लोर तिरा

  - Parvez Shahidi
आह!गंगायेहसींपैकर-ए-बिल्लोरतिरा
तेरीहरमौज-ए-रवाँजलवा-ए-मग़रूरतिरा
जौर-ए-मग़रिबसेमगरदिलहैबहुतचूरतिरा
झाँकताहैतिरेगिर्दाबसेनासूरतिरा
ज़ुल्मढाएहैंसफ़ीनोंनेसितमगारोंके
ज़ख़्मअबतकतिरेसीनेपेहैंपतवारोंके
महवरहतेथेसितारेतिरीमयपीनेमें
चाँदमुँहदेखताथातेरेहीआईनेमें
ख़ल्वत-ए-महरदरख़्शाँथीतिरेसीनेमें
तेरीताबानियाँआतीथींतख़मीनेमें
आजरोतीहैमगरतेरीजवानीतुझको
खागयाकेयहाँ'टेम्स'कापानीतुझको
आहकोह-ए-हिमालाकेग़ुरूर-ए-सय्याल
तेरेदामनपेकभीबैठीथीगर्द-ए-मलाल
मुँहतिरापोंछताथाचाँदकासीमींरूमाल
ज़ख़्मसीनेपेलिएआजहैंधारेतेरे
उफ़कहाँडूबगएचाँदसितारेतेरे
रेग-ए-दोज़ख़कोछुपाएहैक़बाकेअंदर
हौल-नाकआजहैकितनायेदहकतामंज़र
शामहीशामनज़रआतीहैक्यूँँसाहिलपर?
क्यूँँतिरीमौजोंसेछन्तेनहींअनवार-ए-सहर?
रौशनीक्यूँँहुईजातीहैगुरेज़ाँतुझसे
क्यूँँअँधेरोंकेहैंलिपटेहुएतूफ़ाँतुझसे
आजसाहिलपेनज़रआतीहैजलतीहुईआग
आदमिय्यतकासुलगताहैहवाओंमेंसुहाग
आजहैसाज़-ए-सियासतकाभयानकसाराग
फनउठाएहुएबलखातेहैंशोलोंकेनाग
आजइंसानकोडसतीहैंहवाएँतेरी
ज़हरसकितनीहैंलबरेज़फ़ज़ाएँतेरी
आईहैटेम्ससेइकमौज-ए-रवाँगातीहुई
तुझकोआज़ादीकेपैग़ामसेबहलातीहुई
रूहमय-ख़ानालिएशौक़कोबहकातीहुई
नाज़करतीहुईहँसतीहुईइठलातीहुई
लाखउलझाकरेंज़ुल्फ़ोंमेंउलझनेवाले
इसकेइश्वोंकोसमझतेहैंसमझनेवाले
लेकिनबिन्त-ए-हिमालातिरीअज़्मतकीक़सम
सैलकेसाँचेमेंढालीहुईरिफ़अतकीक़सम
तेरेजल्वोंकीक़सम,तेरीलताफ़तकीक़सम
तेरीमौजोंसेउभरतीहुईहिम्मतकीक़सम
अबतिरीआँखोंकोनमनाकहोनेदेंगे
दामन-ए-नाज़तिराचाकहोनेदेंगे
  - Parvez Shahidi
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