sab ki aankhoñ men raha karte the | सब की आँखों में रहा करते थे

  - Parvez akhtar
सबकीआँखोंमेंरहाकरतेथे
फ़र्दहैंक़ौमहुआकरतेथे
अबतअ'ल्लुक़मेंग़रज़हैशामिल
दोस्तबचपनमेंहुआकरतेथे
रास्तेतालतलय्या,टीले
कितनेरूमानहुआकरतेथे
उसकाख़ुशहोनाबहुतभाताथा
हमनिशानेकोख़ताकरतेथे
इश्क़परवानवहाँचढ़ताथा
जहाँआसेबरहाकरतेथे
हाथतोअबभीमिलातेहैंलोग
दिलमगरपहलेमिलाकरतेथे
दस्तबरादारीहमेंआतीथी
हमकहामानलियाकरतेथे
करलियाख़ुदकोहीबर्बादआख़िर
वक़्तबर्बादकियाकरतेथे
पहलेआँखोंकोमुयस्सरथेआप
पहलेहमशे'रकहाकरतेथे
  - Parvez akhtar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy