vaqt par aate hain na jaate hain | वक़्त पर आते हैं न जाते हैं

  - Parveen Umm-e-Mushtaq
वक़्तपरआतेहैंजातेहैं
रोज़इक़रारभूलजातेहैं
वोजोबे-वजहमुस्कुरातेहैं
सैकड़ोंवहमदिलमेंआतेहैं
अश्क-ए-हसरतनिकलकेदामनमें
जानसेहाथधोएआतेहैं
जबतुमआतेनहींहोव'अदेपर
मलक-उल-मौतकोबुलातेहैं
सोगयाबख़्तजबसेरोरोकर
सारेहम-सायोंकोजगातेहैं
उनकोशर्म-ओ-हयानहींआती
दिलचुराकरनज़रचुरातेहैं
बे-ख़ताहैवोआसमाँमुजरिम
इसकोइल्ज़ामक्यूँँलगातेहैं
जानकरबनगएहैंहमभोले
चुटकियोंमेंकिसेउड़ातेहैं
तेरेकूचेमेंहमभीअबथककर
दिलकेमानिंदबैठेजातेहैं
ग़ैरक्याऔरउसकीहस्तीक्या
आपक्यूँँमुफ़्तख़ौफ़खातेहैं
कोईताज़ासितमकियाईजाद
देखकरवोजोमुस्कुरातेहैं
आगपानीमेंक्यूँँलगातेहो
नेकजोलोगहैंबुझातेहैं
तुममिरेदिलमेंहोतोदेखूँमैं
हूरग़िल्माँकहींसमातेहैं
मैंनेपूछीजोवज्ह-ए-क़त्लकहा
ठहरोदमलेकेहमबतातेहैं
इश्क़तेरेतुफ़ैलदुनियाके
तंज़ेंसुनतेहैंतानेखातेहैं
बे-सबबक्याबिगड़नेकाबाइस
आप'परवीं'कोभीबनातेहैं
  - Parveen Umm-e-Mushtaq
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy