main jo sehra men kisi ped ka saaya hota | मैं जो सहरा में किसी पेड़ का साया होता

  - Partav Rohila
मैंजोसहरामेंकिसीपेड़कासायाहोता
दिल-ज़दाकोईघड़ीभरकोतोठहराहोता
अबतोवोशाख़भीशायदहीगुलिस्ताँमेंमिले
काशइसफूलकोउसवक़्तहीतोड़ाहोता
वक़्तफ़ुर्सतनहींदेगाहमेंमुड़नेकीकभी
आगेबढ़तेहुएहमनेजोयेसोचाहोता
हँसतेहँसतेजोहमेंछोड़गयाहैहैराँ
अबरुलानेकेलिएयादआयाहोता
वक़्त-ए-रुख़्सतभीनिरालीहीरहीधजतेरी
जातेजातेज़रामुड़केभीतोदेखाहोता
किससेपूछेंकिवहाँकैसीगुज़रहोतीहै
दोस्तअपनाकभीअहवालहीलिक्खाहोता
ऐसालगताहैकिबसख़्वाबसेजागाहूँअभी
सोचताहूँकिजोयेख़्वाबटूटाहोता
ज़िंदगीफिरभीथीदुश्वारबहुतहीदुश्वार
हरक़दमसाथअगरएकमसीहाहोता
एकमहफ़िलहैकिदिनरातबपारहतीहै
चंदलम्होंकेलिएकाशमैंतन्हाहोता
  - Partav Rohila
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy