apne markaz pe na poora hua chakkar meraa | अपने मरकज़ पे न पूरा हुआ चक्कर मेरा

  - Partav Rohila
अपनेमरकज़पेपूराहुआचक्करमेरा
अजनबीहाथबदलतेरहेमेहवरमेरा
मेरेक़ालिबकीशनासानहींहैअतमेरी
अपनेसाएसेभीबेज़ारहैपैकरमेरा
मेरेसीनेपेतोदुश्मनकाकोईज़ख़्मनहीं
मेरेपहलूमेंजोउतराहैतोख़ंजरमेरा
मैंतोअबतकनहींसीखाहूँज़मींपरचलना
औरख़लाओंमेंहैछायाहुआशहपरमेरा
किसकोबख़्शाहैख़ुदायामिरीक़िस्मतलिखना
किसकेहाथोंमेंदियातूनेमुक़द्दरमेरा
मैंवोसुल्ताँहूँकिघटतीहैरियासतजितनी
उतनाउतनाहीबढ़ाकरताहैलश्करमेरा
बंद-ए-ग़मटूटनेवालाहैकिसीदम'परतव'
ऐसालगताहैछलकनेकोहैसाग़रमेरा
  - Partav Rohila
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