shabnam bheegi ghaas pe chalna kitna achha lagta hai | शबनम भीगी घास पे चलना कितना अच्छा लगता है

  - Parkash Fikri
शबनमभीगीघासपेचलनाकितनाअच्छालगताहै
पाँवतलेजोमोतीबिखरेंझिलमिलरस्तालगताहै
जाड़ेकीइसधूपनेदेखोकैसाजादूफेरदिया
बेहदसब्ज़दरख़्तोंकाभीरंगसुनहरालगताहै
भेड़ेंउजलीझागकेजैसीसब्ज़ाएकसमुंदरसा
दूरखड़ावोपर्बतनीलाख़्वाबमेंखोयालगताहै
जिसनेसबकीमैलकसाफ़तधोईअपनेहाथोंसे
दरियाकितनाउजलाहैवोशीशेजैसालगताहै
अंदरबाहरएकख़मोशीएकजलनबेचैनीसे
किसकोहमबतलाएँआख़िरयेसबकैसालगताहै
शामलहकतेजज़्बोंवाली'फ़िक्री'कबकीराखहुई
चाँद-रूपहलीकिरनोंवालादर्दकामारालगताहै
  - Parkash Fikri
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