rangeen KHvaab aas ke naqshe jala bhi de | रंगीन ख़्वाब आस के नक़्शे जला भी दे

  - Parkash Fikri
रंगीनख़्वाबआसकेनक़्शेजलाभीदे
जाँपेबनीहैरौशनीइसकोबुझाभीदे
नामूस-ए-ज़ब्तबोझहैकबतकलिएफिरूँ
सारीउमीदेंछीनकेमुझकोरुलाभीदे
पहुँचाहैकिसकीखोजमेंहद्द-ए-ज़वालतक
गुमहोगयाहैकौनतूउसकापताभीदे
बेचारगीकीरातकेग़ार-ए-सियाहसे
क़ैद-ए-सुकूततोड़केकोईसदाभीदे
हरआइनेपेवक़्तकीउँगलीकेदाग़हैं
मिटजोसकेंयेदाग़तोइनकोमिटाभीदे
इसदश्त-ए-बे-गियाहमेंमजबूरहूँखड़ा
मंज़िलकाकुछनिशानदेरस्ताबताभीदे
जिसपेरुतोंकेहाथकीतहरीरहैलिखी
'फ़िक्री'वोअपनेजिस्मकीदीवारढाभीदे
  - Parkash Fikri
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