अनाहवसकीदुकानोंमेंआकेबैठगई
अजीबमैनाहैशिकरोंमेंआकेबैठगई
जगारहाहैज़मानामगरनहींखुलतीं
कहाँकीनींदइनआँखोंमेंआकेबैठगई
वोफ़ाख़्ताजोमुझेदेखतेहीउड़तीथी
बड़ेसलीक़ेसेबच्चोंमेंआकेबैठगई
तमामतल्ख़ियाँसाग़रमेंरक़्सकरनेलगीं
तमामगर्दकिताबोंमेंआकेबैठगई
तमामशहरमेंमौज़ू-ए-गुफ़्तुगूहैयही
किशाहज़ादीग़ुलामोंमेंआकेबैठगई
नहींथीदूसरीकोईजगहभीछुपनेकी
हमारीउम्रखिलौनोंमेंआकेबैठगई
उठोकिओसकीबूँदेंजगारहीहैंतुम्हें
चलोकिधूपदरीचोंमेंआकेबैठगई
चलीथीदेखनेसूरजकीबद-मिज़ाजीको
मगरयेओसभीफूलोंमेंआकेबैठगई
तुझेमैंकैसेबताऊँकिशामहोतेही
उदासीकमरेकेताक़ोंमेंआकेबैठगई