zindagaani jab ha | ज़िंदगानी जब हमें रास आएगी

  - Pandit Vidya Rattan Asi
ज़िंदगानीजबहमेंरासआएगी
देखलेनामौतभीजाएगी
वोनज़रजबभीकरमफ़रमाएगी
लाज़िमनदुनियाहमेंअपनाएगी
मेरेघरसेशाम-ए-ग़मकबजाएगी
आजजाएगीतोकलफिरआएगी
कौनज़िंदारहसकेगाबिनतिरे
किससेयेतोहमतउठाईजाएगी
कौनजानेक्याहोफिरतौबाकाहश्र
मय-कदेपरजबघटाघरआएगी
एकदिनहमख़ाकमेंमिलजाएँगे
हरहक़ीक़तदास्ताँबनजाएगी
क्याकरूँँउनकीनसीहतकागिला
दोस्तोंसेऔरक्याबनआएगी
मैंकहताथापूछेंमेराहाल
आपकोसुनकरहँसीजाएगी
गर्दिश-ए-दौराँकोसमझादीजिए
हमसेउलझेगीतोमुँहकीखाएगी
वोमिटानेकोहैं'आसी'हमें
येख़लिशभीएकदिनमिटजाएगी
  - Pandit Vidya Rattan Asi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy