kisi ke ranj-o-gham men jo bashar shaamil nahin hota | किसी के रंज-ओ-ग़म में जो बशर शामिल नहीं होता

  - Pandit Vidya Rattan Asi
किसीकेरंज-ओ-ग़ममेंजोबशरशामिलनहींहोता
वोदुनियामेंकभीताज़ीमकेक़ाबिलनहींहोता
मरीज़-ए-इश्क़सेचारा-गरयेबे-रुख़ीकैसी
किसीबेबसकादिलरखनाकोईमुश्किलनहींहोता
निहायतबे-मज़ाहोतीहैवोरूदादउल्फ़तकी
तुम्हाराज़िक्रजिसरूदादमेंशामिलनहींहोता
कोईपूछेमिरेदिलसेज़रामहफ़िलकीवीरानी
कभीमहफ़िलमेंजबवोरौनक़-ए-महफ़िलनहींहोता
हक़ीक़तमेंउन्हींकोज़िंदगानीरासआतीहै
वोजिनकेवास्तेमरनाकोईमुश्किलनहींहोता
सुलूक-ए-दहरकाशिकवाकभीकरतेनहींवर्ना
सुलूक-ए-दहरसग़ाफ़िलहमारादिलनहींहोता
मोहब्बतकीकोईमंज़िलनहींहोतीज़मानेमें
येवोदरियाहैजिसकाकोईभीसाहिलनहींहोता
तिरीबातोंपेनासेहयक़ींहमकिसतरहकरलें
येवोबातेंहैंजिनबातोंसेकुछहासिलनहींहोता
फ़क़तसाक़ीकादिलरखनेकोपीलेताहूँ'आसी'
किसीसूरतमेंवर्नाशामिल-ए-महफ़िलनहींहोता
  - Pandit Vidya Rattan Asi
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